छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जमानत प्रक्रिया में किया बड़ा बदलाव, 11 मई 2026 से नए नियम लागू, अब पूरी जानकारी अनिवार्य
बिलासपुर, 13 मई 2026। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जमानत याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया में बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए नियमों के अनुसार अब जमानत आवेदन दाखिल करते समय आरोपी और याचिकाकर्ता को केस से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियाँ पूरी तरह और स्पष्ट रूप से देना अनिवार्य होगा। यह संशोधित व्यवस्था 11 मई 2026 से पूरे राज्य में लागू हो गई है।
नए नियमों के तहत अब किसी भी जमानत याचिका के साथ FIR की कॉपी, गिरफ्तारी की तारीख, लगाए गए अपराध की धाराएँ, और केस से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज संलग्न करना जरूरी होगा। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि आवेदन में आवश्यक जानकारी या दस्तावेज अधूरे पाए जाते हैं, तो उसकी सुनवाई प्रभावित हो सकती है या उसे आगे की प्रक्रिया के लिए रोका जा सकता है।

हाईकोर्ट द्वारा किए गए इस संशोधन के अनुसार अब आरोपी को अपने खिलाफ दर्ज सभी लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी भी आवेदन में देनी होगी। इसके साथ ही यदि किसी पूर्व मामले में जमानत याचिका किसी भी अदालत द्वारा खारिज की गई है, तो उसका पूरा विवरण भी स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
अदालत का मानना है कि कई मामलों में जमानत याचिकाओं के साथ अधूरी जानकारी या पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण सुनवाई में देरी होती थी। कई बार अदालत को आवश्यक तथ्य समय पर नहीं मिल पाते थे, जिससे मामलों के निपटारे की प्रक्रिया प्रभावित होती थी। इसी समस्या के समाधान के लिए यह नया संशोधन लागू किया गया है।

इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य जमानत मामलों की सुनवाई को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और तेज बनाना है, ताकि अदालत को शुरुआत में ही पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध हो सके और निर्णय प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
इस संबंध में छत्तीसगढ़ आपराधिक नियम एवं आदेश में संशोधन की अधिसूचना रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से जारी कर दी गई है। नए नियम लागू होने के बाद अब वकीलों और याचिकाकर्ताओं को जमानत आवेदन तैयार करते समय पहले से अधिक विस्तृत दस्तावेज और जानकारी प्रस्तुत करनी होगी।










